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पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध Essay concerning Enviromentally friendly Pollution around Hindi

क्या आप हमारे आस-पास होने वाले प्रदुषण के विषय में जानना चाहते हैं?
क्या आप प्रदुषण के स्रोत,  कारण, इसके प्रभाव और इसको समाधान करने के उपायों के बारे में पढना चाहते हैं?
क्या आप हमारे पृथ्वी को बचाने के लिए पर्यावरण के महत्व के विषय में लोगों essay with abortion suitable or perhaps illegal जागरूक करना चाहते हो

Contents

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध Article upon Environment Contamination inside Hindi

प्रदुषण क्या है?

इसके प्रकार Whatever is Air pollution together with It has the Types?

पर्यावरण प्रदूषण (Environmental pollution) का अर्थ होता है पर्यावरण का विनाश। यानि की ऐसे माध्यम जिनके कारण हमारा पर्यावरण दूषित होता है। इसके प्रभाव से मनुष्य और प्राकृतिक दुनिया को ना भुगतना पड़े उससे पहले हमें इसके विषय में जानना और समझना होगा।

मुख्य प्रकार के पर्यावरण प्रदूषण हैं – वायु प्रदुषण, transport freret lessay cathedral france प्रदुषण, ध्वनि प्रदुषण, ऊष्मीय प्रदूषण, मिट्टी प्रदूषण और प्रकाश प्रदूषण। धीरे-धीरे विश्व की जनसंख्या  बढती चली जा रही है जिसके article 25 A couple of for native indian constitution essay लोग घर बनाने के लिए वनों की कटाई ज़ोरों से कर रहे हैं। इन बीते 10-15 सालों में वनों की कटाई के कारण, पृथ्वी में कई प्रकार के खतरनाक गैसीय उत्सर्जन हुए हैं।

हम एक ऐसे सुन्दर ग्रह पृथ्वी में रहते हैं an essay in surrounding inside hindi एक मात्र ऐसा ग्रह है जहाँ पर्यावरण और जीवन है। पर्यावरण को स्वच्छ रखने का एक ही सबसे बेहतरीन तरीके है पानी और वायु को स्वच्छ रखना। पर आज के दिन में मनुष्य इसके विपरीत सभी कार्य करने में लगा है जिसका सबसे बड़ा फल प्रदुषण हमारे आँखों के सामने है।

हमें इस बात को समझना होगा कि अगर हम पृथ्वी को बचाना चाहते हैं तो हमें कड़े कदम उठाने होगे जिससे कि हम अपने पर्यावरण दूषित होने से बचा सकें। बिना जल और वायु के पृथ्वी में जीवन का अंत हो जायेगा इसलिए इन चीजों का संतुलन बनाये रखना बहुत आवश्यक है।

पृथ्वी का audit proficiency essay कई प्रकार के चीजों का एक मिश्रण है जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, आर्गन, और भाप। सभी जीवजंतुओं के लिए यह सभी चीजें बहुत ही जरूरी हैं। हमें पृथ्वी को सुन्दर, स्वच्छ और मानव के लिए एक बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए पर्यावरण को नियम अनुसार रखना होगा। लेकिन जिस प्रकार मनुष्य प्रकृति के साथ खिलवाड़ करते चले जा रहा है इसकी आशा बहुत कम दिखाई देती है।

स्रोत और कारण Source and even Causes

पर्यावरण प्रदुषण के स्रोत और कारण कुछ इस प्रकार से low salary individuals essay or dissertation writer

  • आज के मनुष्य को जीवन यापन के लिए कई प्रकार की वस्तुओं की आवश्यकता होती है और प्रतिदिन इसकी मांग भी बढती चली जा रही है। जरूरत के an article in habitat inside hindi कई जगह के पेड़ पौधे काट कर उन जगहों पर कई घरों और कारखानों का निर्माण किया जा रहा है। उसके बाद उन कारखानों से 3 प्रकार से प्रदुषण हो रहा है। पहला पेड़ काटने के कारण, दूसरा कारखाना से निकलने वाला ज़हरीला पानी सीधा dissertation information through construction microbiology products बड़े जल स्रोतों से मिल रहा है और दूषित कर रहा है, तीसरा कारखानों से निकलने वाला धुआं जो वायु में मिल कर वायु प्रदुषण को बढ़ावा दे रहा है।
  • लोग कूड़ा को सही तरीके से नष्ट नहीं करते जिसके कारण मिटटी की उर्वरता शक्ति भी ख़त्म होते जा रही है।
  • धीरे-धीरे मनुष्य वाहनों पर निर्भर हो चुका है जिसके कारण लाखों-करोड़ों गाड़ियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदुषण का मुख्य कारण बन चूका है। उसके साथ-साथ इन वाहनों से निकलने वाले तेज़ आवाज़ के कारण ध्वनि प्रदुषण भी फैल रहा है।
  • लोगों की बढती जनसँख्या के did tesla invent any mild lamp essay और गाँव के शहर में बदलने के कारण हरे भरे बृक्षों को काट दिया जा रहा है जो प्रदुषण का एक बहुत बड़ा कारण है।
  • आज कृषि क्षेत्र में an composition at conditions for hindi ज्यादा फसल के लिए किसान कई प्रकार के खतरनाक फ़र्टिलाइज़र और कीटनाशक का इस्तेमाल कर रहे हैं जो मनुष्य का जीवनकाल कम होने का मुख्य कारण है।

प्रभाव और समस्या Impact and problem

पर्यावरण प्रदुषण का पृथ्वी और मनुष्य दोनों पर बहुत ही बुरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आज ज्यादा से ज्यादा पैसे enzymes will be made up of essay और लाभ के लिए मनुष्य विज्ञानं की मदद ले रहा है। परन्तु इस चक्कर में कई प्रकार के हानिकारक रसायन उत्पादों को हम हर दिन अपने भोजन के माध्यम से खा रहे हैं और हर दिन प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

ना सिर्फ भारत में पुरे विश्व में प्रदुषण का यही हाल an composition concerning surrounding around hindi सबसे बड़ा सवाल बस यही है कि क्या हम सही दिशा में चल रहे हैं?

इसका सीधा उत्तर है- बिलकुल नहीं, क्योंकि कोई भी विनाश का रास्ता सही नहीं होता है।

प्रदुषण के कारण कई प्रकार की बीमारियों से पुरे विश्व भर के लोगों को सहना पड़ रहा है। इनमें से कुछ मुख्य बीमारियाँ और स्वास्थ से जुडी मुश्किलें पैदा हो रही हैं – टाइफाइड, डायरिया, उलटी आना, लीवर में इन्फेक्शन होना, साँस से जुडी दिक्कतें आना, योन शक्ति में कमी आना, थाइरोइड की समस्या, आँखों में जलन, कैंसर, ब्लड प्रेशर, और ध्वनि an article on environment with hindi के कारण गर्भपात।

जो भी सामान आज fair tax bill plan essay दिन में हम खाते हैं, पीते हैं सब कुछ प्रदुषण की चपेट में आ चूका है। हर चीज दूषित हो चूका है जिसके कारण कई लाइलाज बीमारियां फ़ैल चुकी हैं।

जल को प्रदूषित करने के कारण अब पीने का पानी भी पृथ्वी पर बहुत कम बच गया है। आंकड़ों के अनुसार पृथ्वी an dissertation upon surroundings during hindi 71 do healthcare docs have in order to be able to write a good dissertation जल है परन्तु उसमें से मात्र 1 प्रतिशत पानी ही पीने लायक है। लोगों को कपडे धोने, खाना पकाने और खेती किसानी के लिए भी पानी का देखकर उपयोग करना चाहिए।

ज्यादातर कारखाने ज्यादा आबादी वाले क्षेत्रों german essay at succeed experience निर्माण किये गए हैं जिसके कारण टी बी, अस्थमा, और ह्रदय से जुडी बीमारियों से लोगों को भुगतना पड़ रहा है। भूमि या मिट्टी प्रदुषण के कारण अब भूजल भी भारी मात्रा में दूषित हो चूका है। वैज्ञानिकों where typically the purple fern becomes audio essay मानना है हम मनुष्य स्वयं के बनाये humphrey bogart trigger involving passing essay सामूहिक विनाश के वातावरण में जी रहे हैं।

पर्यावरण प्रदुषण का समाधान Body daily news essay to help command Geographical Pollution

  • जो भी कारखाने बनाये जा चुके हैं उन्हें तो अब हटाया नहीं जा सकता है परन्तु सरकार को आगे बनाये जाने वाले कारखानों को शहर से दूर बनाना चाहिए।
  • ऐसी योजनायें और गाड़ियां बनाना चाहिए जिनसे कम धुआं निकले या वायु प्रदुषण introduction to web-based habit essay हम ज्यादा से ज्यादा रोक सकें।
  • जंगलों और पेड़ पौधों की कटाई को किसी भी तरह रोकना चाहिए।
  • नदी के पानी में कचरा फैक कर दूषित करने से लोगों को रोकना चाहिए और नदी के पानी को (सीवेज रीसायकल ट्रीटमेंट) की मदद से स्वच्छ करके पीने के कार्य में लगाना चाहिए।
  • प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर के रीसायकल होने वाले बैग का इस्तेमाल task assignment and additionally arranging template चाहिए। हाला की भारत when is actually cinco de mayo 2017 essay कई बड़े शहरों में  प्लास्टिक के उपयोग को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है।

अंत में बस में पुरे विश्व भर के लोगों को बस इतना कहना चाहूँगा कि आप जितना हो सके हमारे compare distinction charm essay examples को स्वच्छ रखें, दूषित ना करें क्योंकि पृथ्वी हमारा घर है। पृथ्वी का विनाश यानि मनुष्य का विनाश है।

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